Eligibility of spouse

Family pension Rule 2022 in hindi : पारिवारिक पेंशन के नियम

Govt. Employee

Family pension Rule 2022 in hindi: सरकारी सेवा में रहने मुख्य उद्देश पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन ही हाेता है। सरकारी सेवक को मिलने वाली पेंशन एवं उसकी मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन Latest notification for pensioners 2022 सरकारी सेवा में रहने का एक मुख्य आकर्षण है कि सरकारी सेवक को जीवन भर और जीवन न रहने पर उनके परिवार को मिलने वाला परिवारिक पेंशन। Family pension rules after death of pensioner in hindi के सम्बन्ध में आपको विस्तृत जानकारी दे रहे हैं।

फैमिली पेंशन की मुख्य बातें

Family pension rules for central government employees

1- Family pension को CCS pension Rules,1972 के Rule 54 के अन्तर्गत विस्तृत रुप से बताया गया है।

2- सरकारी सेवक का पारिवारिक पेंशन में किसी प्रकार का कंट्रोल नहीं होता है और न ही उसके लिये अलग से कोई Contribution करना होता है। पारिवारिक पेंशन मृत सरकारी सेवक की संपत्ति के अन्तर्गत नहीं आती है। इसलिए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र के आधार पर पारिवारिक पेंशन का निर्णय नहीं किया जाता है।

3- इसके लिए सरकारी सेवक के द्वारा किसी को नामित नहीं किया सकता है। यह नियम में निर्धारित है, परिवार के सदस्यों को ही पारिवारिक पेंशन सरकारी सेवक के मृत्यु के बाद देय होगी।

family life
Family pension Rule 2022 in hindi

Admissibility of family pension

Who are eligible for family pension?

Sub rule 2 of Rule 54

1- सरकारी कर्मचारी⁄अधिकारी द्वारा 1 वर्ष की लगातार सेवा पूरा करने के बाद ही उसे पारिवारिक पेंशन के योग्य माना जाता है।

2- यदि कोई सरकारी सेवक 1 वर्ष की लगातार सेवा पूरा नहीं कर पाता है और उस मृतक सरकारी सेवक की नियुक्ति के पहले सक्षम मेडिकल बोर्ड के द्वारा उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया था और उसे सरकारी सेवा के लिए फिट घोषित किया गया था‚ तो ऐसी स्थिति में पारिवारिक पेंशन देय होगी।

3- सेवानिवृत्ति के उपरान्त यदि सरकारी सेवक अपने मृत्यु की तिथि तक पेंशन ले रहा था, तो पारिवारिक पेंशन देय होगी।

Category of family members

Sub rule 6 of rule 54

फैमिली पेंशन के लिए परिवार को निम्न श्रेणियों में बांटा गया है:-

  1. Spouse  पति या पत्नी
  2. Children  बच्चेंं
  3. Parents  माता-पिता
  4. Disabled siblings  दिव्यांग भाई-बहन

पारिवारिक पेंशन देने के लिए ऊपर के क्रमानुसार ही निर्णय लिया जायेगा, अर्थात्

  1. पारिवारिक पेंशन सबसे पहले मृत सरकारी सेवक के पति या पत्नी को ही दी जाएगी।

  2. यदि पति या पत्नी नहीं है तो बच्चों को दिया जाएगा।

  3. बच्चें भी न होने की स्थिति में माता-पिता को दिया जाएगा

  4. यदि माता-पिता भी नहीं है तो दिव्यांग भाई बहन को दिया जाएगा।

Eligibility criteria of family pension

Eligibility of spouse

  1. मृत सरकारी सेवक की विधवा या विधुर को Family Pension उनके मृत्यु की तिथि तक या जब तक वह दूसरी शादी न कर ले‚ तब तक देय होगी।

  2. यदि मृत सरकारी सेवक की विधवा पत्नी की कोई सन्तान नहीं है और उसकी सभी स्रोतों से होने वाली आमदनी फैमिली पेंशन और महंगाई भत्ता (DR) के योग से मिलने वाली धनराशि से कम है, तो दूसरी शादी के उपरान्त भी उसकी पारिवारिक पेंशन जारी रहेगी।

Eligibility of children for family pension

  1. बच्चों को पारिवारिक पेंशन दिये जाने की स्थिति में–

  2. सबसे पहले सबसे बड़े बच्चेंं को पारिवारिक पेंशन देय होगी और यदि उसकी योग्यता समाप्त हो जाती है तो फिर उससे छोटा बच्चा फैमली पेंशन के लिये पात्र होगा।

  3. जुड़वा बच्चें होने की स्थिति में दोनों को बराबर- बराबर फैमिली पेंशन दिये जाने का प्राविधान है।

  4. अविवाहित पुत्र को फैमिली पेंशन उसके 25 साल पूर्ण करने या शादी करने या आजीविका कमाने में से जो भी स्थिति पहले होगी‚ तभी तक पारिवारिक पेंशन देय होगी।

  5. पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवक थे और दोनों की मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में जीवित बच्चों को माता और पिता दोनों का अर्थात् दो पारिवारिक पेंशन एक साथ देय होगी।

  6. जब किसी को दो पारिवारिक पेंशन मिलेगीं ,तो एक पारिवारिक पेंशन को उसकी आय के रूप में नहीं माना जाएगा, जिससे कि दूसरी फैमिली पेंशन के लिए योग्यता प्रभावित न हो।

  7. यदि सरकारी सेवक की मृत्यु के बाद पति या पत्नी के द्वारा कोई बच्चें को गोद लिया जाता है तो उसे परिवार का सदस्य नहीं माना जाएगा और इस तरह वह फैमिली पेंशन के लिए योग्य नहीं होगा।

Eligibility of Disabled child for family pension

(दिव्यांग बच्चेंं के लिये पारिवारिक पेंशन की योग्यता)

  1. सरकारी सेवक की संतान के दिव्यांग (शारीरिक व मानसिक रूप से) होने और अपनी आजीविका न कमा पाने की दशा में  वह आजीवन फैमिली पेंशन पाने का हकदार होगा।

  2. दिव्यांग बच्चे को आजीवन पेंशन उसी स्थिति में दी जायेगी‚ जब सबसे छोटा बच्चा 25 साल की उम्र प्राप्त कर ले।

  3. यदि सरकारी सेवक ने अपनी मृत्यु से पहले अपनी संतान के दिव्यांगता के बारे में विभाग को सूचित नहीं किया है या दिव्यांगता प्रमाण पत्र न बना हो‚ तब भी बाद में प्रमाण पत्र बनने के उपरान्त वह पारिवारिक पेंशन के लिये पात्र होगा। शर्त यह है कि उसकी दिव्यांगता सरकारी सेवक की मृत्यु के पूर्व की हो।

  4. संतान के minor होने की दशा में Guardian के माध्यम से फैमिली पेंशन दी जायेगी।

  5. शारीरिक व मानसिक दिव्यांग बच्चों को उनके विवाह के बाद भी फैमिली पेंशन दिया जाएगा।

Minor के संरक्षक का दायित्व

संरक्षक का यह दायित्व होगा कि वह प्रत्येक वर्ष कोषागार या बैंक में निम्न बातों का सर्टिफिकेट जमा करेगा–

  • वह अभी आजीविका कमाना नहीं शुरू किये हैं और

  • उनकी शादी नहीं हुई है।

  • दिव्यांग बच्चों के बारे में बच्चें या संरक्षण को यह  प्रमाणपत्र हर पांचवे साल जमा करना होगा कि वे अभी भी दिव्यांगता या अयोग्यता से ग्रसित हैं।

Eligibility of Divorced/ widowed/unmarried Daughter for family pension

  1. अविवाहित/विधवा या तलाकशुदा बेटी को फैमिली पेंशन उसके शादी तक या दूसरी शादी तक या उसके आजीविका कमाने तक इसमें से जो पहले हो,दिया जाएगा। यहां उम्र की कोई सीमा नहीं है।

  2. लेकिन बेटी को 25 साल की बाद पेंशन तभी जारी रहेगी, जब मृत सरकारी सेवक के सारे अविवाहित बच्चेंं 25 साल की उम्र प्राप्त कर लें या आजीविका कमाना शुरू कर दें, इसमें से जो पहले हो।

  3. यदि मृतक सरकारी सेवक का कोई दिव्यांग बच्चा भी है तो ऐसी स्थिति में दिव्यांग बच्चों को पहले फैमिली पेंशन मिलेगी। और जब उसकी योग्यता फैमिली पेंशन के लिए समाप्त होगी तभी अविवाहित तलाकशुदा या विधवा बेटी को फैमिली पेंशन मिलेगा।

  4. यदि सरकारी सेवक के जीवन काल में उसकी बेटी की तलाक की प्रक्रिया सक्षम न्यायालय में शुरू होती है और सरकारी सेवक के मृत्यु के बाद तलाक मिलता है तो भी वह फैमिली पेंशन पाने के लिए योग्य होगी।

Eligibility of Family pension Rule 2022 in hindi

(सरकारी सेवक की एक से अधिक पत्नी और उनसे बच्चेंं हो)

  • सरकारी सेवक अपनी पत्नी की तलाक या मृत्यु के बाद यदि दूसरी शादी करता है और पहली पत्नी से उसके बच्चें हैं तो उन बच्चों और दूसरी पत्नी के बीच समान रुप से बराबर- बराबर पारिवारिक पेंशन का बंटवारा किया जायेगा।

  • सरकारी सेवक ने दो विवाह किये हो तो दूसरा विवाह null and void माना जायेगा‚ जिस कारण से दूसरी पत्नी को फैमिली पेंशन में कोई भी दावा नहीं होगा। किन्तु दूसरी पत्नी से बच्चें हैं तो ऐसी स्थिति में दोनों पत्नी के बच्चों के बीच बराबर बराबर फैमिली पेंशन का बंटवारा किया जाना चाहिए।

  • पहली पत्नी की मृत्यु के समय यदि उसके कोई बच्चेंं नहीं है, जो फैमिली पेंशन पर दावा कर सके तो दूसरी पत्नी के बच्चों को पहली पत्नी का शेयर भी ट्रांसफर हो जाएगा। अर्थात् दूसरी पत्नी के बच्चों को पहली पत्नी की मृत्यु की तिथि से 100% फैमिली पेंशन मिलेगा & Vice-Versa.

Eligibility for family pension of judicially separated spouse

न्यायिक रूप से अलग रह रहे पति या पत्नी भी पारिवारिक पेंशन के हकदार हो सकते है‚ जब तक कि उनकी मृत्यु या दूसरी शादी न हो गयी हो। शर्त है कि मृतक सरकारी सेवक के सभी बच्चों की पारिवारिक पेंशन पाने की योग्यता समाप्त हो चुकी हो।

Eligibility of parents

  1. सरकारी सेवक की मृत्यु के बाद यदि उसकी काई जीवित विधवा⁄विधुर या योग्य बच्चें नहीं है तो ऐसी स्थिति में, और यदि उसके माता-पिता पूरी तरह से उस पर ही निर्भर थे, तो उन्हें भी पारिवारिक पेंशन देय होगी।

  2. ऐसी परिस्थिति में सबसे पहले माता को और उसके बाद पिता को फैमिली पेंशन स्वीकृत की जायेगी।

Eligibility of Disabled siblings

दिव्यांग भाई -बहन की family पेंशन  पाने की योग्यता

मृतक सरकारी सेवक कि कोई पति या पत्नी‚ योग्य बच्चें या माता-पिता किसी के भी जीवत न होने की दशा में‚ यदि मृत सरकारी सेवक का कोई दिव्यांग भाई या बहन उस पर पूरी तरह से निर्भर रहे हो तो ऐसी स्थिति में दिव्यांग भाई या बहन को पारिवारिक पेंशन अनुमन्य की जा सकती है।

Rate of family pension

Family pension calculation sheet

Rate दो तरह के है:-

  1. Family pension in Enhanced rate यानी बढ़े हुए दर पर Last basic pay का 50%

  2. Family pension in Normal rate यानी सामान्य दर पर Last basic pay का 30%

सेवा के दौरान मृत्यु होने पर (family pension calculator after death)

  • सेवा के दौरान सरकारी सेवक की मृत्यु हो जाती है तो उसे बढ़े दर पर फैमिली पेंशन स्वीकृत किया जाता है। यानी अंतिम बेसिक पे का 50% पर 10 साल के लिए दिया जाता है।

  • पहले इसके लिए 7 साल की लगातार सेवा की आवश्यकता होती थी। अब 1 अक्टूबर 2019 को एक गज़ट नोटिफिकेशन के द्वारा हटा दिया गया है।

  • इसमें उन परिवारों को भी शामिल किया गया है, जिनकी 7 साल की सेवा पूरी करने से पहले मृत्यु हो गई है और 1 अक्टूबर 2019 तक उनकी मृत्यु को 10 साल पूर्ण नहीं हुआ है।

पेंशनर की मृत्यु होने पर

यदि किसी पेंशनर की मृत्यु हो जाती है तो 10 वर्ष तक या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने की तिथि तक (यदि वह जीवित होता) दोनों में जो पहले आये, बढ़ें दर पर पारिवारिक पेंशन स्वीकृत किया जाएगा।

Maximum limit of family pension

सरकार द्वारा अधिकतम family pension की सीमा को भी निर्धारित किया हुआ हैः–

  • Enhanced rate (बढ़ी दर पर) पर अधिकतम 125000/- per month Family Pension के रुप में दी जा सकती है।

  • Ordinary rate (साधारण दर पर) पर अधिकतम 75000/- per month Family Pension के रुप में दी जा सकती है।

  • माता-पिता दोनों के सरकारी सेवा में होने के फलस्वरुप बच्चों को माता और पिता दोनों की फैमिली पेंशन मिलेगी। लेकिन, उन्हें फैमिली पेंशन की अधिकतम सीमा 125000/-(enhanced rate पर) या 75000/-(ordinary rate पर) ही देय होगी।

निष्कर्षः–

दोस्‍तों मुझे उम्मीद है कि आपको हमारा ये आर्टिकल family pension rules in hindi जरूर पसंद आया होगा। यदि आपको यह संग्रह पसंद आया है तो कृपया पारिवारिक पेंशन संबंधी जानकारी से सम्बंधित इस पोस्ट को अपने मित्र और परिवारजनों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।

हमें आशा है कि ये family pension after death of husband or wife से सम्बंधित हमारा पोस्टआपको पसन्‍द आये होगें। इसके अलावा अगर आपने अभी तक हमें सोशल मीडिया जैसे instagram और facebook पर फॉलो नहीं किया है तो जल्द ही कर लीजिये।

FAQ

किस परिस्थिति में फैमिली पेंशन स्वीकृति नहीं की जा सकती है?

परिवार का सदस्य यदि सरकारी सेवक की हत्या या हत्या के लिए उकसाने के लिए दोषसिद्ध हो जाता है, तो वह अयोग्य हो जायेगा और तब उसके बाद योग्य के सदस्य को फैमिली पेंशन दिया जायेगा।

यदि कोई सरकारी सेवक गुमशुदा हो तो फैमिली पेंशन किस प्रकार स्वीकृत होगा? 

सरकारी सेवक की गुमशुदगी की दशा में परिवार के सदस्य को police में रिपोर्ट दर्ज करानी होगी और पुलिस में दर्ज रिपोर्ट होने के 6 माह के बाद ही परिवार के सदस्य पारिवारिक पेंशन के लिये आवेदन कर सकता है।

पेंशनर की मृत्यु होने पर फैमिली पेंशन किस प्रकार शुरू होगा? 

सेवानिवृत्त के बाद पेंशन निर्धारित किये जाने पर PPO (Pension payment order) में पारिवारिक सदस्य का नाम का नाम दर्ज होता है। पेंशनर की मृत्यु के उपरान्त आपको सम्बन्धित कोषागार कार्यालय में लिखित सूचना देनी होगी तत्पश्चात पारिवारिक के नाम से फैमिली पेंशन प्रारम्भ कर दी जाती है।

 

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